Bewafa Shayari

Posted On: 10-11-2017

आज तक है उसके लौट आने की उम्मीद, आज तक ठहरी है ज़िंदगी अपनी जगह, लाख ये चाहा कि उसे भूल जाये पर,

Posted On: 10-11-2017

रंजिश ही सही दिल को दुखाने के लिए आ, आ फिर से मुझे छोड़ जाने के लिए आ, कुछ तो मेरे इश्क़ का रहने दे भरम, तू भी तो कभी मुझे मनाने के लिए आ

बेमतलब की दनिया का किस्सा ही ख़तम...... अब जिस तरह की दुनिया........... उस तरह के हम..............

Posted On: 10-08-2017

वो पिला कर जाम लबों से अपनी मोहब्बत का, अब कहते हैं नशे की आदत अच्छी नहीं होती।

मेरे घर से उसके घर तक का रास्‍ता इक पल का है मगर जिन्‍दगी गुजर गई मुझे चलते चलते

दुनियां में जितने गम मिलेगे मेरे होंसले से कम मिलेगे जिस मोड पे मुहं फेर लेगा ये जमाना उस मोड् पे तुम्‍हे हम मिलेंगे

Posted On: 27-07-2017

काश उन्हें चाहने का अरमान नही होता, में होश में होकर भी अंजान नही होता, ये प्यार ना होता, किसी पत्थर दिल से, या फिर कोई पत्थर दिल इंसान ना होता!

Posted On: 27-07-2017

कभी उसने भी हमें चाहत का पैगाम लिखा था, सब कुछ उसने अपना हमारे नाम लिखा था, सुना है आज उनको हमारे जिक्र से भी नफ़रत है, जिसने कभी अपने दिल पर हमारा नाम लिखा था।

Posted On: 27-07-2017

नादान इनकी बातो का एतबार ना कर, भूलकर भी इन जालिमो से प्यार ना कर, वो क़यामत तलक तेरे पास ना आयेंगे, इनके आने का नादान तू इन्तजार ना कर!

Posted On: 27-07-2017

मेरी चाहत ने उसे खुशी दे दी, बदले में उसने मुझे सिर्फ खामोशी दे दी, खुदा से दुआ मांगी मरने की लेकिन, उसने भी तड़पने के लिए जिन्दगी दे दी!

Posted On: 27-07-2017

दिल का दर्द एक राज बनकर रह गया, मेरा भरोसा मजाक बनकर रह गया, दिल के सोदागरो से दिललगी कर बैठे, शायद इसीलिए मेरा प्यार इक अल्फाज बनकर रह गया।

Posted On: 27-07-2017

मुस्कुराते पलको पे सनम चले आते हैं, आप क्या जानो कहाँ से हमारे गम आते हैं, आज भी उस मोड़ पर खड़े हैं, जहाँ किसी ने कहा था कि ठहरो हम अभी आते है।

Posted On: 27-07-2017

रास्ते खुद ही तबाही के निकाले हम ने, कर दिया दिल किसी पत्थर के हवाले हमने, हाँ मालूम है क्या चीज़ हैं मोहब्बत यारो, अपना ही घर जला कर देखें हैं उजाले हमने।

Posted On: 27-07-2017

मेरी बर्बादी पर तू कोई मलाल ना करना, भूल जाना मेरा ख्याल ना करना, हम तेरी ख़ुशी के लिए कफ़न ओढ़ लेंगे, पर तुम मेरी लाश ले कोई सवाल मत करना!

Posted On: 27-07-2017

वो बेवफा हमारा इम्तेहा क्या लेगी, मिलेगी नज़रो से नज़रे तो अपनी नज़रे ज़ुका लेगी, उसे मेरी कबर पर दीया मत जलाने देना, वो नादान है यारो.. अपना हाथ जला लेगी।