Dard Bhari Shayari

हम रोज उदास होते है और शाम गुजर जाती है , किसी रोज शाम उदास होगी और हम गुजर जायेंगे....✍ ~भाई का छोटा भाई

किसको दर्द बताऊ किसको दास्ता सुनाऊ यहां सब बहरे हैं , जख्म तो नहीं हैं पर कैसे बताऊं कि दर्द गहरे हैं....✍ -bhai Ka Chhota bhai

Sifarish kerte rahiye ap hamare door jane ki Chaliye apki mushkil Aasan ker dete hai Suna hai janka sab kuchh khatam ho gya ho Wo bhi zinda rehte hai Ager zid hai jang ki, to chalo hum apne hatiyar rakh dete hai Wese to hame sir qalam bhi kerna ata hai Lekin apki khushi ke liye ye dard bhi seh lete hai

kabhi ask rooth jaye to kya karoge kabhi khaab toot jaye to kya karoge ye zindagi hai sahab koi dhokha de jae to kya karoge............................... Ishita Singh.....

दर्द मिला है इश्क में इतना की दिल टूट गया है मेरा! ख्वाब बिखर गए फिर भी हर जख्मो से हम निखर गए हैं!!

मोहब्बत तो करते थे तुम, वरना क्यों खींचे चले आते हम! थोड़ा सा संभाल लेते तो, टूटने से ना सही पर बिखरने से तो बच जाते हम!!

दो आंखों में दो ही आंसू एक तेरी वजह से एक तेरी खातिर...

जख्म है कि दिखते नहीं मगर यह मत समझिए कि दुखते नहीं..!!

मैंने वफ़ा की फिर भी महबूब खो दिया, पूरी महफिल को पता चला, पूरी महफिल रो दिया!!

रोती हुई आँखो मे इंतेज़ार होता है, ना चाहते हुए भी प्यार होता है, क्यू देखते है हम वो सपने.. जिनके टूटने पर भी उनके सच होने का इंतेज़ार होता है

Dard Wo jaate jaate hume kuch de Gaye wo thi uski yaade... Or hum nasamaz use samjhte Rahe pyar...jab wo akhiri baar Milne aaye to usne kha.....hum Achee dost rahenge ......... Tb samaj aaya ki wo pyar Nhi wo to dard nikla....

जो राज थे वो राज रह गए... जो नाराज थे वो नाराज रह गए...

दिल रोज सजता है नादान दुल्हन की तरह... "गम" रोज चले आते हैं बाराती की तरह...

संवर रही है आज वो किसी और के लिए, पर मैं बिखरा हूँ आज भी सिर्फ उसी के लिए!

कट रही है जिंदगी, रोते हुए.. और वो भी तुम्हारे, होते हुए..!