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A little wisdom, a few words

Couplets

Discover dohe and couplets: small verses with room for a world of meaning.

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33 collectionsLatest published writing · Page 2
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Osho ओशो

By Munna Yadav

Osho ओशो Quote 1: Only those who are ready to become nobodies are able to love. In Hindi: केवल वो लोग जो कुछ भी नहीं बनने के लिए तैयार हैं प्रेम कर सकते हैं. Osho ओशो  Quote…

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Malala Yousafzai मलाला युसुफ़ज़ई

By Munna Yadav

Malala Yousafzai  मलाला युसुफ़ज़ई जिस उम्र बच्चे  पढाई-लिखाई और खेल-कूद में व्यस्त होते हैं उस छोटी सी उम्र में एक लड़की शिक्षा को अपना हथियार बना दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकवादियो…

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STEVE JOBS स्टीव जॉब्स

By Munna Yadav

ब कभी दुनिया के सबसे प्रभावशाली entrepreneurs का नाम लिया जाता है तो उसमे कोई और नाम हो न हो,एक नाम ज़रूर आता है. और वो नाम है STEVE JOBS (स्टीव जॉब्स ) का. APPLE Company के co-fou…

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Kailash Satyarthi कैलाश सत्यार्थी

By Munna Yadav

कैलाश सत्यार्थी एक ऐसे ही व्यक्ति हैं , अपने बचपन बचाओ आन्दोलन के अंतर्गत उन्होंने दुनिया भर के 85,000 से अधिक बच्चों को trafficking*, slavery और child labour के कुचक्र से आज़ादी दि…

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Tulshi Dash Ke Dohe

By Munna Yadav

राम नाम  मनिदीप धरु जीह देहरीं द्वार | तुलसी भीतर बाहेरहुँ जौं चाहसि उजिआर || अर्थ: तुलसीदासजी कहते हैं कि हे मनुष्य ,यदि तुम भीतर और बाहर दोनों ओर उजाला चाहते हो तो मुखरूपी द्वार…

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चाणक्य की जीवनी - Biography of Chanakya

By Munna Yadav

आचार्य चाणक्य जो कि  विष्णुगुप्त व कौटिल्य के नाम से भी विख्यात हैं एक महान विद्वान् थे, जिनकी नीतियों पर चल कर कई साम्राज्य स्थापित हुए। आइये आज हम उनके जीवन के बारे में विस्तार स…

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बिहारी के दोहे - Bihari ke Dohe

By Munna Yadav

कौन थे बिहारी?बिहारी के नाम से विख्यात महाकवि बिहारीलाल रीति काल के प्रसिद्द कवि थे जो अपनी रचना सतसई  के लिए जाने जाते हैं। सन 1600 के आसपास ग्वालियर में जन्मे बिहारी जी के बारे म…

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सूरदासजी के दोहे - Surdash Jee ke Dohe

By Munna Yadav

दोहा :- “मुखहिं बजावत बेनु धनि यह बृन्दावन की रेनु | नंदकिसोर चरावत गैयां मुखहिं बजावत बेनु || मनमोहन को ध्यान धरै जिय अति सुख पावत चैन | चलत कहां मन बस पुरातन जहां कछु लेन न देनु…

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रहीम के दोहे - Rahim ke Dohe

By Munna Yadav

दोहा :- “जो बड़ेन को लघु कहें, नहीं रहीम घटी जाहिं. गिरधर मुरलीधर कहें, कछु दुःख मानत नाहिं.” अर्थ :- रहीम अपने दोहें में कहते हैं की किसी भी बड़े को छोटा कहने से बड़े का बड़प्पन कम नह…

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कबीर के दोहे-kabir ke dohe

By Sonu Kumar

कहत सुनत सब दिन गए, उरझि न सुरझ्या मन।    कही कबीर चेत्या नहीं, अजहूँ सो पहला दिन। अर्थ: कहते सुनते सब दिन निकल गए, पर यह मन उलझ कर न सुलझ पाया। कबीर कहते हैं कि अब भी यह मन होश…

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