तुम्हे अन्दर से बाहर की तरफ विकसित होना है . कोई तुम्हे पढ़ा नहीं सकता , कोई तुम्हे आध्यात्मिक नहीं बना सकता . तुम्हारी आत्मा के आलावा कोई और गुरु नहीं है .
सपने की शुरआत उस शिक्षक के साथ होती है जो आपमें यकीन करता है, जो आपको खींचता है, धक्का देता है और आपको अगले पठार तक ले जाता है, कभी-कभार “सच” नामक तेज छड़ी से ढकेलते हुए.
असफलता हमारी शिक्षक होनी चाहिए, हमारा अंत करने वाली नहीं. असफलता देरी है, हार नहीं. यह एक अस्थायी चक्कर है, गतिरोध नहीं. असफलता को हम केवल ना कुछ बोल के, ना कुछ कर के और ना कुछ बन के बच सकते हैं.
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