ये लड़कियां हुस्न वाली हैं जनाब अदालत भी इन्हीं की होती है
इसी लिए लोग इनका एहतराम करते है
लेकिन कम तो हम लड़के भी नहीं होते क्योंकि
अदालत बेशक लड़कियों की होती है
पर जजमेंट हमारे जज साहब करते है
हुस्न वालों की क्या औकात है
हमें तो अदालत वाले भी झुककर सलाम करते हैं
A conversation in words
0 commentsLog in to join the conversation.