मुझे पता है कि उस वक्त खुदा से तेरी
फरियाद क्या थी और अब क्या है
मुझे याद है कि वो मुलाकात क्या थी
और ये मुलाकात क्या है
तू बात बात पर दिखाती है अपनी हैसियत
खामोश रहता हूँ मै क्योकि तुझसे प्यार करता हूँ
वरना जमाने को पता है
मेरे सामने तेरी हैसियत क्या थी
और तेरी औकाद क्या है
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