“मैं उनसे आज तक कभी पाया नहीं गया, जानॉं ! जो मेरे शौक़ के आलम मिले तुम्हें ! यूँ हो कि कोई और ही हव्वा मिले मुझे, हो यूँ कि कोई और ही आदम मिले तुम्हें..!”
A conversation in words
0 commentsLog in to join the conversation.