"अपनों के अवरोध मिले, हर वक्त रवानी वही रही साँसो में तुफानों की रफ़्तार पुरानी वही रही लाख सिखाया दुनिया ने, हमको भी कारोबार मगर धोखे खाते रहे और मन की नादानी वही रही...!"
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