महीने फिर वही होंगे,सुना है साल बदलेगा..! परिंदे फिर वही होंगे,शिकारी जाल बदलेगा...!! वही हाकिम,वही गुरबत,वही कातिल वही गाजिब..! न जाने कितने सालों में हमारा हाल बदलेगा...!!
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