मेरे इश्क़ के चर्चे बहुत होंगे
पर अफ़सोस तेरा जिक्र न होगा।
हम होंगे तन्हाइयों में
पर तुझे खोने का कोई गम न होगा।
तू बेशक़ होगी हूर ज़माने की
पर तेरे नसीब में फिर कोई महफ़िल न होगा।
हम तो यू ही खमोश होंगे ज़नाज़े पर
पर ज़माने में रौशन हमारा इश्क़ होगा।।
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