दिनांक 18/02/2021
गुरूवार
~भाई का छोटा भाई
मैं जीवन के उस दौर में हू जहाँ कभी-कभी मुझे स्वयं को पहचानना मुश्किल हो जाता है।मैं ठीक हूँ या कैसा हूँ?मुझसे पूछने वाला कोई नहीं हैं। इन अंधेरों से कब तक निकलूँगा यह मुझे मालूम नहीं, पर उम्मीद करता हूँ कि मरने के पहले सब कुछ ठीक हो जाएगा। अब किसी से मोह नहीं रह गया, खुद से भी नहीं.... ?
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