मां के लिए तो सब लिखते हैं ,
पर आज मैं उस व्यक्ति के लिए लिख रहा हूं ,
जिसने मेरी दुनिया बनाई ,
यह लिखने वाला मैं भाई का छोटा भाई ,
जन्म मॉ ने दी दुनिया पापा ने दिखााया ,
जब मुझसे चलना नहीं आता था ,
तब हाथ पकड़ कर चलना पापा ने सिखाया ,
कैसे कब और किस हालात में जीना है ,
यह सब पापा ने सिखाया ,
शर्ट अपने लिए 3 साल में ,
तो मुझे हर 3 महीने में दिलवाया ,
पापा अपने ख्वाब छोड़ कर ,
मेरे सारे सपने पूरा किया ,
जब मैं मेला गया तो मैं कहीं खो ना जाऊं ,
इसलिए पापा ने मुझे कंधे पे लिया,
जब मै पापा के कंधे पर चढ़ गया ,
मैं बोला पापा मैं आप से बड़ा हो गया ,पापा बोले बेशक गलतफहमी मे तुम जाकडे रहना ,
पर बेटा मेरा हाथ पकड़े रहना,
पापा यह गाड़ी लेना है वह खिलौना लेना है ,
पापा ने मुझे सब कुछ दिला दिया ,
पर कैसे बताऊं दोस्त पापा ने अपने लिए ,
एक समोसा तक नहीं लिया ,
किस हालात से लड़ रहे पापा ,
उस टाइम मुझे कहां ज्ञान था ,
बस खिलौने में ही मेरा पूरा जहांन था......✍️
Miss you papa?
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