जिंदगी में गम , गम में हम , हम मे रम ,
रम मे नशा , और मैं नशे में हू,
नशा मुझ में नशा किसी और का ,
नशा मुझ में नशा किसी और का ,
यह नशा अपना ही है ना की किसी गैर का ,
कोई तो अपना समझ कर प्यार से बोल लो ,
ए दोस्त एक दो बोतल और खोल लो,
मैं ऩशे में हू ,
थक गया जी जी कर ,
अब और जीने का मन नहीं कर रहा ,
ले चलो यार कोई बडे मयखाने मे,
आज मेरा और पीने का मन कर रहा,
मैं नशे में हू ,
कोई भांग घोटो ,
कोई चिलम के लिए पत्ता लाओ ,
मेरे और दोस्तों को बुलाओ ,
मै नशे में हू,
सचिन महफिल जमाओ समा में ,
आज मै नशे में हू ,
हुक्का फूक दूंगा हवा ,
मै नशे में हू,
कोई ताश के पत्ता लाओ
कोई सट्टा खेलने वालो को बुलाओ ,
सट्टा खेलने में शाहजहां भी होगा ,
चाहे सट्टा कहीं भी होगा,
अगर मैं सट्टा हारा तो मयखाना छोड़ देंगे ,
सट्टा जीता तो ताजमहल खरीद लेंगे ,
मैं नशे में हू,
और बता देना मोहतरमा को अपने शाहजहाँ,
अब वो ताजमहल शाहजहां का कहा,
मैं नशे में हू,
गिनती के मैं पैक नहीं मारता,
पैक मार के गिनती भूल जाता हूं ,
और दो घूट अंदर गई ना ,
तो अपने दोस्त को ही विधायक बताता हूं ,
मैं नशे में हू ,
कि सिगरेट बुझनी नहीं चाहिए ,
दो पैक और बना लो ,
सिगरेट को छोड़ो यार ,
हुक्का ही जला लो ,
खैर छोड़ो मैं नशे में हू ,
दारु कम पड़ गई तो मैं कैसे जी पाऊंगा ,
दो चार बोतल और मगालो मैं पूरी पी जाऊंगा ,
मै नशे में हू ,
नशा नशा लिखकर ,
भाई का छोटा भाई की कलम नशे में हो गई,
मैं शराब लिखना चाहा और वो पूरा पेज खराब कर गई ,
मैं नशे मे हू...✍️
~भाई का छोटा भाई
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