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Desh Bhakti Shayari · A moment in words

Desh Bhakti Shayari

मन की बाते बंद करो,मत ज्ञान बाँटिये मोदी जी, सबसे पहले गद्दारों की जीभ काटिये मोदी जी, आज वतन को,खुद के पाले घड़ियालों से खतरा है, बाहर के दुश्मन से ज्यादा घर वालो से खतरा है, देशद्रोह के हमदर्दी हैं,तुच्छ सियासत करते है, और वतन के गद्दारों की खुली वकालत करते है, वोट बैंक की नदी विषैली,उसमे बहने वाले हैं, आतंकी इशरत को अपनी बेटी कहने वाले हैं,

A conversation in words

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