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Desh Bhakti Shayari · A moment in words

Desh Bhakti Shayari

तुम अगर हमसे नफरत करोगे । तो तुम्हारा आदर सत्कार कौन करेगा। अगर तुम अपने गुरु को भूल गए तो चमत्कार कौन करेगा। तुम बार-बार हम पर वार करते हो हम चाहें तो एक बार में तुम्हारा बजूद मिटा दें दुनिया से मगर हम छोड़ देते है तुम्हे हर बार यह सोचकर कि अगर तुम सबको मार देंगे तो तुम्हारा अन्तिम संस्कार कौन करेगा। जय हिन्द जय महाकाल

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