हम वो शिकंजा हैं जो कोई कस नहीं सकता ... हमारे देश की सरहदों को कोई डस नहीं सकता , अगर है हिम्मत किसी में तो आ जाए ... कसम हिन्दुस्तान की वो जिंदा बच नहीं सकता ! लेखक :- मनीष अहिराना (भोजपुरी गीतकार)
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