तू रख हौसला वो मंजर भी आएगा प्यासे के पास चलकर समंदर भी आएगा थक हार के ना रुकना ऐ मंजिल के मुसाफिर मंज़िल भी मिलेगी मिलने का मज़ा भी आएगा !!
A conversation in words
0 commentsLog in to join the conversation.