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Jokes · A moment in words

Jokes

एक दिन पड़ोस का हरयाणवी छोरा आ के बोल्या- “रे चाचा, अपनी इस्त्री देदे… ” चाचा ने अपनी जनानी की ओर इसारा करया और बोला- “ले जा, वा बैठी.. ” छोरा चुप चाप देखन लाग्या… बोला- “चाचा यो नहीं, कपडे वाली..” चाचा बोल्या- “भले मानस, यो तन्ने बगेर कपड़े दिखे है के ??? ” छोरा गुस्से में चीखा- “रा चाचा बावला ना बन, करंट वाली इस्त्री..” चाचा- “बावले, हाथ ते लगा के देख… जे ना मारे करंट, फेर कहिये…”

A conversation in words

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