लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती...
हिम्मत करने वालों की कभी हार नहीं होती...
नन्ही चींटीं जब दाना लेकर चढ़ती है...
चढ़ती दीवारों पर सौ बार फ़िसलती है...
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है...
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना, ना अखरता है...
मेहनत उसकी बेकार हर बार नहीं होती...
हिम्मत करने वालों की कभी हार नहीं होती...
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