साल दर साल वक्त निकलता जाता है ! कमबख्त दिल तो दिल है हर बार संभलता जाता है !! यूं तो बारह महीने फिर तेरी आरजू में कटे ! तू वो मौसम है जो हर बार बदलता जाता है !!
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