लूजर की दास्तान
आज दुनिया के सबसे बड़े लूजर की दास्तान सुनाऊंगा ,
वो महान व्यक्ति कोई और नहीं मैं ही हूं जो अपने बारे मे बताऊगा ,
सब को बुरा लगता हूं मगर सुधर जाऊंगा ,
लड़खड़ा रहा हूं तो भी संभल जाऊंगा ,
जिस दिन सीख जाऊंगा अपना काम ,
तो मेंरा भी होगा नाम ,
पर मेरे अंदर इतनी काबिलियत नहीं कि लोग मुझे बधाई दे ,
अब और कितना चीखू चिल्लाऊ मेरे दोस्त कि आप लोगों को सुनाई दे ,
सब मुझे प्रवचन देते हैं क्योंकि उनकी लाइफ है सेट,
और मैं परेशान हूं अपनी जिंदगी से क्योकि उठता हू लेट ,
लेट उठने का कोई कारण नही बस ताने सहना है ,
मेरा मामना है कि जिंदगी मे सोना सबसे बड़ा गहना हैं ,
हर कोई परेशान है कि मै क्यू रहता मौन हू,
और मैं परेशान हूं कि अखिर मैं कौन हूँ ,
जब तक कि मैं भी काबिल बन जाऊंगा ,
तब तक आप सब से बहुत दूर चला जाऊंगा ,
आप सबको मैं भी मेरे जितना याद आऊंगा ,
पर इंतजार मत करना शायद वापस नहीं आऊंगा ,
आप सबको मैं इतना आसानी से भूल नहीं पाऊंगा ,
पर सच में बता रहा हूं आप सब से बहुत दूर चला जाऊंगा ,
चंद ही बातें मैंने अपने बारे मे आपको बताई ,
ये और कोई नहीं मैं ही हूं भाई का छोटा भाई...✍️