धूप मेरे सर पर है मंजिल तुम्हारे पास है मसला मेरा है लेकिन हल तुम्हारे पास है बादल बनकर मैं आज आसमां पर छा गया जिससे मैं बादल बना वो जल तुम्हारे पास है......
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