कभी-कभी इंसान सच में थक जाता है; खामोश रहते-रहते, दर्द सहते सहते; सब्र करते-करते, उम्मीदें रखते रखते; रिश्ते निभाते निभाते, सफाईयां देते देते; और अपनों को मनाते मनाते..!!
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1 commentsBahut khub sirji sach me
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