कहाँ से लाऊं वो शब्द जो तेरी तारीफ के क़ाबिल हो, कहाँ से लाऊं वो चाँद जिसमें तेरी ख़ूबसूरती शामिल हो, ए मेरे बेवफा सनम एक बार बता दे मुझकों, कहाँ से लाऊं वो किस्मत जिसमें तू बस मुझे हांसिल हो।
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