है , गैरत तो मुझे बता तूने ये क्यों किया
है, शर्म तो मुझे बता तूने ये क्यों किया
मांग लेती मुझसे मेरी नाचीज़ जान
पर सिर्फ जमाने को दिखाने के लिए तूने ये क्यों किया
Words for every feeling
Share your writing ↗Bewafa Shayari
A little shayari, a little reflection. Read words shared from the heart.
भूलक्कड थी वो...
हमेशा कूछ ना कूछ भूल जाती थी.
चली तो गई जिंदगी से ,
पर उसके किये वादे यही भूल गई...
पता नहीं किस कलम से किस्मत लिखी है ,
मेरी ..!!!!!
जब भी खुश रहने की कोशिश करता हूँ तब मुझे
एक नया दर्द मिलता है |||||||
मैं तुम्हारे साथ हूं ये कहने वाले अक्सर छोड़ ही जाते है.....
मुझे बहुत प्यारी हैं तुम्हारी दी हुई हर निशानी ,
अब चाहे दिल का दर्द हो या आंखों का पानी...
मत कर हिसाब मेरे प्यार का,,,
कहीं ऐसा न हो कि तू ही कर्जदार निकले
तुम बेवफा ही सही,
पर आज भी तुम्हारे दर्द से मुझे दर्द होता है......
हर तरफ देखा उसे, अब तो कदमों ने भी हार मान ली
मैं नासमझ सही पर वो तारा हूं,
जो तेरी खुशी की खातिर सौ बार टूट जाऊँ
उसने कोशिश बहुत की कि टूट जाऊँ मैं,
कोई समझाओ उसे टूटा हुआ कितना टूटे......
अलविदा ही कहना था तो जिंदगी में आए क्यूँ,
जुदा होना ही था तो दिल से लगाया क्यूँ......
लोग कहते है हम मुस्कुराते बहुत है.......
और हम मर गए दर्द छुपाते छुपाते.................
ना call ना massage....,
क्या हुआ कोई और मिल गया क्या
शक़ नही बस यकीन है कि कोई किसी का नही होता........
जुदा तो एक दिन साँसे भी होती है.,
शिकायत सिर्फ मोहब्बत से ही क्यूँ...
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