तेरा किया तुझपे ही आ जाए तो कैसा होगा। जो ज़ख्म तुने मुझे दिया, अगर वो तुझपे आ जाए तो कैसा होगा। हर बार मुकरती है न अपनी बात से, इस बार मैं मुकर जाउ तो कैसा होगा।
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