मेरी दुल्हन सी रातों को, नौलाख सितारों ने लूटा ! नींदें तो लूटीं रूपयों ने, सपना झंकारों ने लूटा !! ससुराल चली जब डोली तो, बारात दुआरे तक आई ! नैहर को लौटी डोली तो, बेदर्द कहारों ने लूटा !!
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