हमारे सिवा तेरा ज़िकर कोई और करे ये हमे गवारा नहीं । तेरी रूह को कोई और छुए ये भी हमे गवारा नही ।। हम तो खुदा से भी टकरा सकते हैं आपकी खातिर । हवा भी तुमको छु कर गुजरे ये हमे गवारा नहीं ।। By- S. Deepak Bhardwaj Singh
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