मैने तुझे चांहा था तेरे प्यार के समंदर में डूबकर।
जिन्दगी का हर ख्वाब अधूरा सा रह गया
तेरा साथ छूटकर ।
लोग तो यूं ही कहा करते है
कि हर मर्ज की दवा मिल जाती है।
लेकिन मै कैसै मान लूं कि वो सीसा जुड जायेगा
जो कल टूटा था भरी महफिल में
उसके हाथों ्से छूट कर
A conversation in words
0 commentsLog in to join the conversation.