रास्ते खुद ही तबाही के निकाले हम ने, कर दिया दिल किसी पत्थर के हवाले हमने, हाँ मालूम है क्या चीज़ हैं मोहब्बत यारो, अपना ही घर जला कर देखें हैं उजाले हमने।
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