कब आपकी आँखों में हमें मिलेगी पनाह, चाहे इसे समझो दिल्लगी या समझो गुनाह, अब भले ही हमें कोई दीवाना करार दे, हम तो हो गए हैं आपके प्यार में फ़ना।
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