Dard Bhari Shayari

hello

Kas pyar jaisi koi cheez na hota Ummed na hoti dil tutne ka dard na hota To sab kitna aasan hota Na kisi se koi guzaris hota Na kisi pe aitbaar Na intezar Na khuda ke faisle pe sawal....

जहा जीती पर मेरी मात हो गई है तन्हा सखसियत मेरी कायनात हो गई है देखना तुम हवा में उठेगी मेरी भी खुशबू अब मेरी जाट दरख़्त की जात हो गई है हर एक बेवफा अब ईमान से बाहर होगा शहर के दानिशवरों से मेरी बात हो गई है सिखस्त खा कर ऐसे उठा रहा हूं तजुर्बे मानो मेरी जिंदगी एक वारदात हो गई है अब मुझे डर नहीं हुस्न से मेरे जाने का जितनी मुमकिन थी एहतियात हो गई है सलीम कमल उसमे ऐसे डुबो जाता है मानो की वो लड़की नहीं दावत हो गई है

रात यूँही ढलती जाए जाम जाम से जाम टकराते जाए ना कल की फिक्र हो ना आजका पता मेरे दोस्तों की मैफिल में सब लापता हो !

Posted On: 13-09-2022

लग गयी आग उस आशियाने में जिसमें तू कभी रहती थी ।

Posted On: 12-09-2022

मुझे तू याद क्यू आती है वे दिली बेरहम तेरी यादें मुझे क्यूं नहीं कुछ बताती हैं । जाहिल सा गया है इस तरह कुछ आवारा पल अब तो पागल रात भी हंसकर मुझे जिंदा लाश बताती है।।

Posted On: 11-09-2022

नशा इश्क का हो या धूम्र दारु का एकदिन बर्बाद हो जाउंगा । यूं रोज सिंगार की तरह जलकर एक दिन धुआं हो जाऊंगा ।।

Posted On: 11-09-2022

जब मैंने तुम्हें पाया ही नहीं तो खोने का दर्द क्यूं होता है ।

Posted On: 11-09-2022

खुले तूफ़ानों के शोरों का शायद ही मैंने ऐसा कभी मंजर देखा । अंधियारी रात में जब दर्द से तड़पते हुए एक बवंडर को देखा ।।

Posted On: 11-09-2022

जुदा तुमने मुझे किया लेकिन खुश आज फिर भी तुम नहीं । आज चांद खफ़ा खफ़ा सा लग रहा है पास से न तो दूर से ही सही ।। दुःख तो बहुत है मुझे तेरे दर्द का अपना न तो पराया ही सही । काश ! मैं तेरे दर्द भी अपनी तरफ़ मोड़ पाता पर मैं बदकिस्मत तेरे हाथ की एक लकीर तक नहीं ।।

हर दफा मोह्हबत की आड़ में धोखा दिया गया लड़ते भी तो किस से गुनेहगार कोई और नहीं में खुद ही था

Posted On: 24-08-2022

😔हम नदी के किनारे बेचारे बैठे है इस जमाने से महोबत्त हारे बैठे है। खुद ही खुद को मारे बैठे है कुछ इस क़दर हम तुम को हारे बैठे है। जमाने से ऐसे हारे हुए हम फिर भी तुम्हारे सहारे बैठे है। RR.......

udas the hum usko yaad karke... khush the wo humko bhula ke😔

कुछ इस तरह से मिले हम,न मैंने उसको जी भर के देखा न वो मुझे पहचान पाई .

Posted On: 15-01-2022

“जिसे चाहो...वो मिल ही जाए ये जरुरी तो नही, कुछ अधूरे किस्से भी पूरी कहानी होते हैं...!”