कांटा चुभता हैं तो चलने नही देता ।
और जब किसी का दिल टूटता है तो जीने नहीं देता
कांटा _ दिल का हाल कुछ एक सा ही है ।
कांटा चुभता हैं तो दिखता नहीं है
और दिल टूटता है तो दिखता नहीं है।
और दिल के जखम नासूर
बनके दिल में कांटे की तरह चुभते है
और जीना दुश्वार हो जाता
और दिल में उसकी यादें कांटे की तरह चुभती हैं कांटा
दिखता नहीं है और मेरा दिल उसके सिवा किसी से लगता नहीं है।
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