गुलाब की खुशबू भी फीकी लगती है, कौन सी खूशबू मुझमें बसा गए हो तुम, जिंदगी है क्या तेरी चाहत के सिवा, ये कैसा ख्वाब हमें दिखा गए हो तुम।
A conversation in words
0 commentsLog in to join the conversation.