उतर के देख मेरी चाहत की गहराई मेँ, सोचना मेरे बारे मेँ रात की तन्हाई मेँ, अगर हो जाए मेरी चाहत का एहसास तुम्हेँ, तो मिलेगा मेरा अक्स तुम्हे अपनी ही परछाई मेँ।
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