वफ़ा का लाज हम वफा से निभायेगें; चाहत के दीप हम आँखों से जलाएंगे; कभी जो गुजरना हो तुम्हें दूसरे रास्तों से; हम फूल बनकर तेरी राहों में बिखर जायेंगे!
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