-अलफ़ाज़ ना समझ सके तुम
ख़ामोशी क्या समझोगे
-हसीं ना देख सके तुम
आँशु क्या देखोगे
-मेरी जलन महसूस ना कर सके तुम तड़प क्या महसूस करोगे
-बातोंको जान ना सके तुम
जज़्बात क्या जानोगे
-मिलने का जशन मना ना सके तुम
जुदाई का मातम क्या मनाओगे
रही बात हमारी
रही बात हमारी
-मासूम सी मुस्कान ना भूल सके हम
क़ातिल अदाएं क्या भुलायेंगे
-आँखे भुला ना सके तुम्हारी
तुम्हे क्या भुलायेंगे
-तेरी तस्वीर देखकर बेबस हो जाते है
रूबरू मुलाक़ात से धड़कनो को कैसे रोक पाएंगे
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