“दोस्त को भूलना ग़लत बात है. उन्ही का तो जिंदगी भर साथ है. अगर भूल गये तो सिर्फ़ खाली हाथ है, अगर साथ रहे तो ज़माना कहेगा-‘क्या बात है'”
A conversation in words
0 commentsLog in to join the conversation.