Dosti Shayari

Posted On: 14-05-2021
Posted On: 25-04-2021

आपकी दोस्ती हमारी सुरो की ताज है । और आप जैसे दोस्तो पे हमें नाज है । कल कुछ भी हो जाए इस जिन्दगी में मगर, आपकी हमारी दोस्ती वैसी ही रहेगी जैसे आज है ।

Posted On: 22-03-2021

sache dost abhi hame girne nahi dete n kisi najaro me or n kisi k kadamo me

Posted On: 22-03-2021

Posted On: 19-03-2021

नाम छोटा है मगर✋ दिल❤ बङा रखता 😎हु पैसो💵 से ऊतना अमीर नही😔 हु, मगर✋ अपने दोस्तों👬 के गम खरीद ने की हैसियत रखता😎 हु ...😘

Posted On: 17-03-2021

Posted On: 17-03-2021

Posted On: 17-03-2021

Posted On: 16-03-2021

मत फेक पत्थर पे पानी उसे भी कोई पीता होगा । जीना है तो मुस्कुरा के जियो तुमको भी देख कर कोई जीता होगा ।🌹

आपने किसी का विश्वास तोड़ा है , जो यह फालतू के अल्फाज स्टेटस मे जोड़ा हैं.... ✍️ ~~भाई का छोटा भाई~

जब भाई साथ चलते है , तो तूफान में भी चिराग जलते हैं....✍️

होए होए होए होए होए , भाई आ रहा कारा में , घूमेंगे हम चारा में , लेकर होंडा हॉरनेट को , हम घूमेंगे याराना में , होए होए होए होए होए , चलेंगे दोनों हाथों में , लेकर बोतल हाथों में , दुश्मन का पारा हाई होगा , चलेंगे जब हम रातों में , होए होए होए होए होए , लिखेंगे स्टेटस हम गम भरे , दुनिया सोचेगी यह पीते हैं बोतल रम भरे , हम बात करेंगे रातों में , चलेगे जब दोनों हाथों में , होए होए होए होए होए घूमेंगे दोनों खंधों में , सर्दी के इस धुन्धो में , जाते-जाते कुछ लिख दूं , जो बात करे लोग बंदों में , होए होए होए होए होए , मैं भाई का छोटा भाई , कोरोना कि नहीं मिल रही दवाई , हाथ जोड़कर विनती है , मास्क लगाओ तभी है भलाई , होए होए होए होए होए , होए होए होए होए होए , भाई आ रहा कारा में , घूमेंगे हम चारा में , लेकर होंडा हॉरनेट को , हम घूमेंगे याराना में ,

Posted On: 15-11-2020

God ने एक अच्छा दिल बनाया जो मैंने पाया, फिर God ने एक अच्छा दिमाग बनाया जो मैंने पाया, फिर God ने एक एक अच्छा दोस्त बनाया O Helo...इस बार मैंने नहीं आपने पाया...!!

Every moment with you was pleasant.Now Your memories are the support of my life. Regards Prince Sony

घूम आया शहरों की हर गलियों में पर सुकून कहीं नहीं मिला दोस्त तो बहुत मिले पर अपना कोई नहीं लगा आया जब लौट कर वापस गांव की गलियों में सुना गुनगुनाते भवरों को कलियों में तब जाकर एहसास हुआ गांव के देस्तों का आभास हुआ