जान कभी अपना भी हल बताया करो अपना समझ कर पूरा हक़ जताया करो नासमझ था मै जो तुझसे दूर जाकर चैन से जीने की सोचा करता था पहले पास न थे फिर भी पास होते थे अब पास न होक भी पास नहीं हो
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