कागज़ के नोटों से आखिर
किस किस को खरीदोगे,
किस्मत परखने के लिए यहाँ आज भी
सिक्का ही उछाला जाता है!
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कहीं बेहतर है तेरी अमीरी से मुफलिसी मेरी,
चंद सिक्कों के लिए तुने क्या नहीं खोया है,
माना नहीं है मखमल का बिछोना मेरे पास,
पर तु ये बता, कितनी राते चैन से सोया है।
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