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Hindi Shayari

A little shayari, a little reflection. Read words shared from the heart.

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336 piecesLatest published writing · Page 1
Hindi Shayari
“दोस्तों आपके पास जो है उसकी कद्र करो, क्योंकि यहां आसमान के पास भी उसकी खुद की ज़मीन नही है।”
Hindi Shayari
ye ishq ka gulabi rang nahi janab ye toh lahu mein lipte hue mehnat ka singar hai jis jism ko tum fareb ke liye dhundhte ho ye bhi maat bhulo ko ye devi maa ka swaroop hai
Hindi Shayari
तेरी तारीफ में कुछ लफ्ज़ कम पड़ गए, वरना हम भी किसी ग़ालिब से कम नहीं।
Hindi Shayari
वो ना अब शहर में है ना ही मेरी दुनिया में हंसकर लूटा करते थे पहले जिनकी आंखों पर
Hindi Shayari
मैं समझता हूं तेरी मजबूरी तेरे हालात असद कोई हमें भी समझने वाला होना चाहिए एमडी असद गाज़ी
Shayari by Asad
Hindi Shayari
तुम से ही शुरू तुम से ही खतम मेरी ज़िंदगी मेरी दुनियां तुमने मुझे जीना सिखाया इस दुनिया से लड़ना सिखाया जो तुम ना हो तो कुछ भी नही
Hindi Shayari
मोहोबात का कुछ ऐसा मंजर है प्यार तेरा सर चढ़ा है शराब पी है नशा है पर सुरूर तेरा सर चढ़ा है ना भूले है ना भूल पाने के फितूर है तेरा जो सर चढ़ा है मयंक त्यागी
Shayari by Mayank
Hindi Shayari
आग भी बुझ गई हमारे मेखाने की । एक कसक है दिल मैं तुम्हारे वापस ना आने की। बीत जायेगा ये सर्द दिन और गमगीन रात जसे बीत गई शाम हमारी मेखने की।। मयंक त्यागी
Shayari by Mayank
Hindi Shayari
Tere ishq me khoker me khud se juda ho jau.. Ki paaker tumhe is zamane se me fanaa ho jau.. Teri muskan ka ghayal hu me ki teri masumiyat per me lut jau.. Ashiq hu tera me ki teri har adaa per me kurban ho jau..
Shayari by kush
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कम चल ऐ मेरे दिल की कलम। रुक जरा देख तोह सही तेरे कदमों में मेरे मेहबूब का नाम आया हे।
Hindi Shayari
मेरी दास्तां खतम होने वाली है काश एक बार उसका दीदार हो जाए ।। और उसका दीदार होते ही मेरी आंखों को सुकून हो जाए फिर इन आंखों को चाहे चील या कौवे नोचे चाहे फिर मेरी रूह ही नस्ट हो जाए।।
Shayari by kunal
Hindi Shayari
Najane aaj unse kyu phir dubara mulaqut ho gayi Najane aaj unse kyu phir dubara mulaqut ho gayi jisse pehle milkar laga tha zindagi mil gaya Aaj usse dekhkar nafrat si ho gayi...
Hindi Shayari
पूछते है लोग मुझसे ये अल्फाज़ कहाँ से लाता हूँ, बहते है रोज जो आंसू मेरे, मै उन्ही को लिखते जाता हूँ हो गया हूँ मै भी बस एक चाक के जैसा, लिखते है वो कहानी अपनी और मिटता मै चला जाता हूँ एक दिन वो था ढूंढ लिया था मैंने खुदा अपना एक दिन ये है,मै खुद को भी नहीं ढूंढ़ पाता हूँ समझने लगे है अब तो वो खुद को खुदा जैसे, हाँ वही,सामने जिसके मै सर अपना झुकाता हूँ
Hindi Shayari
मेरा आना..मेरा जाना..यूं ही नहीं है तुझे देखकर मुस्कुराना यूं ही नहीं है यूं तो गुजरता हूं कई रास्तों से लेकिन तेरी गली में ठिकाना....यूं ही नहीं है Shivkumar barman ✍️
Hindi Shayari
किसी से प्रेम करना और उस में डूब जाना कभी ग़लत नहीं हो सकता ?
Shayari by Reshal

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