मोहब्बत हमारी भी, बहुत असर रखती है,
बहुत याद आयेंगे, जरा भूल के तो देखो।
जिन्हे सांसो की महक से ईश्क महसूस ना हो,
वो गुलाब देने भर से हाल-ए-दिल क्या समझेंगे।
नफरत के बाजार में मोहब्बत बेचते है,
कीमत में सिर्फ और सिर्फ दुआ ही लेते है।
हर कदम पर जिन्दगी एक नया मोड लेती है,
कब न जाने किसके साथ एक नया रिशता जोड देती है।
अजीब सा हाल है कुछ इन दिनों तबियत का,
ख़ुशी ख़ुशी नही लगती और ग़म बुरा नही लगता।
क्या अब भी तुमको चरागों की जरुरत है,
हम आ गए है अपनी आँखों में वफ़ा की रौशनी ले कर।
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