मां तो जन्नत का फूल है, प्यार करना उसका उसूल है, दुनिया की मोह्ब्बत फिजूल है, मां की हर दुआ कबूल है, मां को नाराज करना इंसान तेरी भूल है, मां के कदमो की मिट्टी जन्नत की धूल है!
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