वो पिला कर जाम लबों से अपनी मोहब्बत का,
अब कहते हैं नशे की आदत अच्छी नहीं होती।
हम ने रोती हुई आँखों को हसाया है सदा,
इस से बेहतर इबादत तो नहीं होगी हमसे।
इतनी दिलक़श आँखें होने का, ये मतलब तो नही..
कि, जिसे देखो.. उसे दिवाना कर दो।
जिन्हे सांसो की महक से ईश्क महसूस ना हो,
वो गुलाब देने भर से हाल-ए-दिल क्या समझेंगे।
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