तू मुझ से जुदा हो पर मोहब्बत कम न हो. जब भी मेरा जनाजा उठे तेरा चेहरा मेरी नजरो से दूर न हो. जब भी मुझे तेरी याद आये तू मेरी कब्र से दूर न हो. में तेरा आशिक़.
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