"तेरी ख़ुशरंग उदासी में जो सन्नाटा है मैं उसको अपने कहकहों से आ गुलज़ार करूँ तेरी ये शर्त कि बस एक बार मिलना हो मेरी ये ज़िद है कि बस एक बार प्यार करूँ..."
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