मेरी ज़िंदगी में, सुबह तो नही है पर राह में चमकते तारें हैं बहुत जो मिला दे उनसे, वो राहे नही हैं पर पगडंडियों पे मशालें हैं बहुत!.....
A conversation in words
0 commentsLog in to join the conversation.