पूरी दुनिया आशा लगाए तेरे तरफ ही देख रहा |
कि तू बदलेगा जीवन उनका पर तू थक के घुटने टेक रहा!!
सुन ! सुन मेरी एक बात, :-
जो तुझे महसूस अपने कांधे पर हो रही पीड़ा है|
यह पीड़ा नहीं असंख्य लोगों के जीवन बदलने की बीड़ा है||
क्या अभी भी तू कहेगा कि तू थका है |
मैंने तेरे अंदर हमेशा एक जलता ज्वाला देखा जो ना रुका था और ना रुका है||
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