भाग्य के दरवाजे
पर सर पीटने
से बेहतर है
कर्म का तूफान
पैदा करे सारे दरवाजे
खुलजागे
doors of fate
but head banging
is better than
storm of karma
create all doors
open up
More about this source text
bhaagy ke daravaaje
par sar peetane
se behatar hai
karm ka toophaan
paida kare saare daravaaje
khulajaage
पूरी दुनिया आशा लगाए तेरे तरफ ही देख रहा |
कि तू बदलेगा जीवन उनका पर तू थक के घुटने टेक रहा!!
सुन ! सुन मेरी एक बात, :-
जो तुझे महसूस अपने कांधे पर हो रही पीड़ा है|
यह पीड़ा नहीं असंख्य लोगों के जीवन बदलने की बीड़ा है||
क्या अभी भी तू कहेगा कि तू थका है |
मैंने तेरे अंदर हमेशा एक जलता ज्वाला देखा जो ना रुका था और ना रुका है||
यह आसमा यह धरती यह हवाएं और यह मंजर सब चीख चीख कर कह रहे हैं कि कब तुम पिता का कर्ज चुकाओगे!!
और मां बैठी है देहरी पर कि मेरा लाल आएगा जीवन बदल जाएगा ऐसा करके कब अपनी मां को दिखाओगे!!
तू ही बता, क्या लिखूं आग लिखूं कि पानी लिखूं या लहरों की रवानी लिखूं!!
मैं तो बेहतरी और बदलाव चाहता हूं इसीलिए सोचता हूं कि आने वाली पीढ़ी के लिए कुर्बान अपनी जवानी लिखूं!!